राष्ट्रनिर्माण में सबकी भागीदारी आवश्यक ! सीयूएसबी कुलपति प्रोफेसर हरिश्चंद्र राठौर

 

 

आज स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2018 से 71 वर्ष पूर्व सन 1947 में देश की आज़ादी के समय सिर्फ सात विश्वविद्यालय थेलेकिन बहुत ही हर्ष की बात है कि देश में अब700 से अधिक विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं ! भारत की आज़ादी के समय देश की हालत काफी दयनीय थीलेकिन  हमारे लिए गर्व की अनुभूति है कि  इतने कम समय में भारत एक विकसित राष्ट के रूप में अपने को विश्व में स्थापित किया है ! यह बातें दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रोफेसर हरिश्चंद्र सिंह राठौर ने पंचानपुर (गया) स्थित विवि प्रांगण में 72 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कही ! 

 

 

अपने भाषण में प्रोफेसर राठौर ने कहा कि हमारे महान स्वंत्रता सेनानियों ने भारत को सन 1947 में अँग्रेज़ों की चुंगल से आज़ाद कराया और तब से प्रत्येक भारतीय राष्ट्र के निर्माण में लगा हुआ है ! और उसी प्रयास का फल है कि हमने बिमारियों के इलाज करने पर विजय पाईशिक्षा के छेत्र में बहुत बड़ा प्रसार हुआविज्ञान और तकनिकी के छेत्र में आज हम विश्व से लोहा ले रहे हैं ! उदहारण के लिए अगर आप शिक्षा को ही देखेंजो किसी भी राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे आवश्यक एवं प्रथम शर्त है तो आप पाएंगे कि आज़ादी के समय केवल सात विश्वविद्यालय थे आज 700 से ऊपर हैं ! यही स्थिति प्राथमिकउच्च प्राथमिक और  माध्यमिक शिक्षा की है ! निसंदेह आज भारत सन 47 की तुलना में बहुत अधिक शिक्षित है ! हमारे राष्ट्रीय नेताओं और देश की सरकारों ने इस राष्ट के विकास एवं निर्माण के लिए योगदान दिया है ! संक्षेप में कहें तो आज भारत उस मक़ाम पर खड़ा है जहाँ सारा विश्व हमें नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता ! हम विश्व की अग्रणी राष्ट्रों में अपनी स्थापना एवं महत्वता को सुनिश्चित करते हैं ! निश्चित रूप से आज पूरा विश्व भारत का लोहा मान रहा है चाहे वह कोई भी छेत्र होतकनिकी के छेत्र में हमारे वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया है कि हम बहुत कुछ कर सकते हैं ! मंगलयान का एक ऐसा उदहारण है जिसने पुरे विश्व को चौंका दिया ! वास्तविकता की बात यह है क़ी आप किसी भी नेटवर्क की बात करें चाहे रेलवे का नेटवर्क होसुचना एवं तकनिकी का नेटवर्क होशिक्षा का नेटवर्क होहम विश्व में अग्रणी हैं ! ज़रूरत बस इस बात है की हम अपने सिस्टम (व्यवस्था) को और सशक्त बनाना है और नागरिकों को ज़िम्मेदार बनाना है ! अगर देशवासी अपशिष्टों (wastage)  जैसे बचा हुआ खानाबिजली - पानीसमय की बर्बादी पर काबू पा लें तो भारत निसंदेह एक शक्तिशाली देश बनकर उभर सकता है ! सच कहें तो मुझे देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम का विज़न (Vision) 2020 का सपना साकार होता हुआ दिख रहा है ! 

 

अपने संबोधन के अंत में कुलपति ने समारोह स्थल पर मौजूद प्राध्यापकोंअधिकारीयोंकर्मचारियों एवं छात्रों के समक्ष स्वयं संकल्प लेते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र की एक महत्वपूर्ण इकाई हैं ! अतः हम जो भी कार्य निष्पाशीद कर रहें है उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंराष्ट्र को ध्यान में रखकर करें और राष्ट के किसी भी संसाधन को नष्ट (बर्बाद) न करें ! हम 125 करोड़ भारतीय अगर राष्ट के संसाधनों की बर्बादी को रोकने के लिए संकल्प ले लें तो भारत अवश्य एक सशक्त एवं शक्तिशाली राष्ट बन सकता है ! कुलपति ने अपने भाषण में अपने वर्ष के कार्यकाल में किए के विकास कार्यों की भी चर्चा की और यह विश्वास दिलाया कि आगे भी विवि इसी तेजी से हर तरह की संसाधनों के साथ 300 एकड़ प्रांगण में विकसित होगा !

 

ज्ञात हो की सीयूएसबी के स्थाई कैंपस में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया थाइससे पूर्व पटना और गया में किराये के भवन में चल रहे प्रांगणों में यह राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता था ! बुधवार को सीयूएसबी के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस समारोह की औपचारिक शुरुवात कुलपति को सुरक्षाकर्मियों द्वारा दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ ! इसके पश्चात कुलपति प्रोफेसर राठौर ने राष्ट्रियध्वज फहराया और फिर राष्ट्रियगान गाया गया ! डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ० सनत कुमार शर्मा की देखरेख में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कुलपति के साथ - साथ प्रति कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश रायकुलसचिव डॉ० गायत्री विश्वनाथ पाटिलवित्त पदाधिकारी श्री गिरीश रंजनपरीक्षा नियंत्रक श्रीमती रश्मि त्रिपाठीजन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मो० मुदस्सीर आलम आदि मौजूद थे ! मंच सञ्चालन सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष डॉ० अनिल कुमार सिंह झा ने किया और समारोह के अंत में उन्होंने धन्यवाद् ज्ञापन प्रस्तुत किया ! वहीँ समारोह स्थल पर मौजूद विवि के प्राध्यापकों,छात्रों एवं कर्मचारियों में पहली बार अपने भव्य प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने को लेकर काफी उत्साह एवं हर्ष - उल्लास था !

 

 

All Indians should contribute their bit for Nation Building - CUSB VC Prof. H.C.S. Rathore

 

At the time of Independence of India on 15th August 1947 there were only seven Universities, which is now crossed the 700 mark, from then till now the country in last 71 years has witnessed all round development, said Central University of South Bihar (CUSB) Vice-Chancellor Prof. Harish Chandra Singh Rathore in his Independence Day address at University’s Panchanpur campus on Wednesday. At the time of Independence the country was facing a number of issues and the financial condition was depleting, but today we are among the most progressive countries of the world.

 

 

In fact, after the efforts of our great freedom fighters India got freedom on 1947, and since then the countrymen are contributing in making India a great nation. With the combined efforts of all India got the freedom in treatment of deadly diseases, made progress in the areas of Education, Science, Information and Technology. That’s why today India is giving challenge to the developed countries of the world and in par with them in various development indexes. The political leaders and governments have played a crucial role in ensuring the growth and development of the country. Today’ no country in the world can ignore us, which could be possible with efforts of countrymen. We are having one of the world’s largest railway network, information and technology network, number of educational institutions, which are crucial components for making a developed country.

 

I am assuming that the vision 2020 of former President Late Dr. A. P. J. Abdul Kalam in due course of fulfilment, and it is possible if we all vow to contribute for shaping us India as a great nation. We are bestowed with resources in abundance including natural resources, we need to respect them and always try to utilities them with sincerity. If we all think for fulfilling our duty as a responsible citizen and human being, the day is not far when India can become a developed country, said Prof. Rathore.

 

CUSB Vice-Chancellor concluded his speech with the vow to contribute for nation building with sincerity, which was applauded by the faculty members, officers, staff and students present at the venue. It should be noted that CUSB celebrated the Independence Day for the first time in its permanent campus at Panchanpur, Gaya. Earlier the Independence Day celebrations were being organised at University’s temporary campus situated in Patna and Gaya.

 

 

Earlier the Independence Day celebration at CUSB campus started with the ‘Guard of Honour’ offered to Vice-Chancellor by security personnel. Further the national tricolour was hoisted, which was followed by speech of Prof. Rathore. The Independence Day celebration organised under the supervision of DSW Dr. Sanat Kumar Sharma was attended by Vice-Chancellor Prof. Rathore, Pro Vice-Chancellor Prof. O. P. Rai, Registrar Dr. Gayathri Vishwanath Patil, Controller of Examination (CoE) Mrs. Rashmi Tripathi, Finance Officer Mr. Girish Ranjan, Public Relation Officer (PRO) Md. Mudassir Alam and many others. The programme was compared by Co-ordinator of Cultural Committee Dr. Anil Kumar Singh Jha. The CUSB fraternity comprised of teachers, staff and students were highly elated and enthusiastic for celebrating the national festival in its own 300-acre odd huge campus amidst pristine surrounding.

 

Campus

SH-7, Gaya Panchanpur Road, Village – Karhara, Post. Fatehpur, Gaya – 824236 (Bihar)

Contact

Phone: 0631-2229507
Admission:0631-2229512

 

Connect with us

We're on Social Networks. Follow us & get in touch.

Visitor Hit Counter :

7689744 Views

Search